स्वच्छ भारत

एक कदम स्वच्छता की और

नवाब वजीर मोहम्मद खान 1809-1816

वजीर मोहम्मद खान का पिता शरीफ मोहम्मद खान, दोस्त मोहम्मद खान का पोता था। नवाब गौस मोहम्मद खान के समय से ही वजीर मोहम्मद खान ने सत्ता प्राप्त कर रखी थी और 1809 ई. में पूरी तरह से नवाब हो गया। 1811 ई. में वजीर मोहम्मद खान ने अंग्रेजी हुकूमत का पूर्ण विश्वास प्राप्त करने हेतु इनायत मसीह को कर्नल गोडार्ड के पास भेजा तथा अपने पुराने संबंधों की याद दिलाई जिस पर अंग्रेजों का उनको सहयोग प्राप्त हुआ।

1812 ई. में सिंधिया के जनरल जगुबापू ने बकाया राशि प्राप्त नहीं होने पर दो बार भोपाल पर हमला कर दिया। नागपुर के भोंसला शासक की फौज ने भी उनका साथ दिया और भोपाल पर लगभग पूरी तरह मराठों का कब्जा हो गया। वजीर मोहम्मद के सत्ताकाल में भोपाल रियासत को सात बार कड़े संघर्ष एवं लड़ाईयों का सामना करना पड़ा। सातवें हमले के समय भोपाल रियासत के किले में लड़ाई का सारा सामान समाप्त हो चुका था। इन हमलों के बाद मराठी फौज ने फिर आक्रमण की तैयारी की तो अंग्रेज सरकार ने सिंधिया राज्य को निर्देश देकर रोका एवं इस प्रकार सिंधिया और भोंसला से उसकी सुलह हो गई।

नागपुर और ग्वालियर की फौजों के हमले के दौरान 1812-14 ई. में शहर की बाहरी दीवारों (परकोटों) के बाहर का पूरा इलाका बरबाद हो गया था। नवाब वजीर मोहम्मद खान रायसेन चला गया था और 16 मार्च, 1816 ई. को देवरी में उसका निधन हो गया।

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मुख्यमंत्री कन्यादान योजना

इस योजना का उद्देश्य गरीब, जरूरतमंद, निराश्रित/निर्धन परिवारों की विवाह योग्य कन्या/विधवा/ परित्याक्ता के विवाह के लिये आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है। यह सहायता सामूहिक विवाह में ही दी जाती है। इसकी शर्त यह है कि कन्या ने विवाह की निर्धारित आयु पूरी कर ली हो। पूर्व में इसके तहत 6500 रूपये की सहायता कन्या की गृहस्थी की व्यवस्था के लिये तथा एक हजार रूपये सामूहिक विवाह आयोजन के खर्चे र्की पूर्ति के लिये दी जाती थी। अब इस राशि को बढ़ाकर दस हजार रूपये कर दिया या है। इसमें नौ हजार रूपये कन्या की गृहस्थी के लिये और एक हजार रूपये सामूहिक विवाह आयोजन खर्च के लिये है।

भारतीय समाज में कन्या के विवाह की चिन्ता हर गरीब परिवार में विशेष रूप से बहुत होती है। उनके पास अपने रोजमर्रा के खर्च की पूर्ति के लिये ही पर्याप्त पैसा नहीं होता , तो वे बेटी की शादी के लिये एक मुश्त खर्च जुटाने के लिये कर्ज का सहारा लेते है या कोई चीज बेचते हैं। गरीब परिवारों को इस समस्या से मुक्ति दिलाने के लिये मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की विशेष पहल पर यह योजना शुरु की गई। इस योजना में सामूहिक विवाह किये जाते हैं जिससे आपसी सद्भाव भी बढ़ता है और शादियों पर अनावश्यक होने वाले खर्च पर भी रोक लगती है। इसकी एक विशेषता यह भी है कि इसका लाभ सभी समुदायों को मिलता है। ऐसे आयोजनों में हिन्दु और मुसलमान दोनों समुदायों के विवाह एक ही परिसर में होते हैं जिससे सम्प्रदायिक सद्भाव की भावना का विकास होता है।

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