स्वच्छ भारत

एक कदम स्वच्छता की और

कदीमी हमाम

यह नगर में बड़े तालाब के किनारे वर्ध्दमान पार्क के समीप है। कदीमी हमाम के नाम से प्रसिध्द इस हमाम का निर्माण गौंड शासकों के शासन काल में हुआ है। नवाबी दौर में नवाब परिवार और शाही मेहमानों की सेवा के लिये हमाम का संचालन नवाब के खास हज्जाम हम्मू खलीफा को सौंपा गया था। यह दीवाली से होली तक खुला रहता था।

हमाम में प्रवेश के पहले एक कक्ष है, जिसमें सर्दी में भी सामान्य वातावरण बना रहता है। इस कक्ष से लगा 12 फीट लम्बा, चौड़ा और ऊंचा एक कमरा है जिसका वातावरण सामान्य से अधिक गर्म और नमीं से भरपूर रहता है। इस कमरे से लगी दो छोटी गैलरी है जिनमें शीतलता रहती है। इन गैलरी से लगे कमरे में फर्श से उठती भाप शरीर को ऊष्मा से तर कर देती है। वाष्प युक्त कक्ष की वास्तु शिल्प की विशिष्टता यह है कि पानी के दो खुले हौजों में एक शीतल होता है। इस कमरे के फर्श के भीतर तांबे की 3 इंच मोटी परत बिछी है एवं गर्म हौज के नीचे धातु का तवा है। इस कमरे के ऊपर छत में मोटे कांच का रोशनदान है। कमरे की नालियों से ताजी हवा आती है। इस कक्ष के नीचे भट्टी बनी है जहां हमाम के दूसरी ओर लकड़ियां भर कर जला दी जाती हैं जिनमें दहक से भाप का कमरा आर्द्र व गर्म हो जाता है और गैलरियां ठंडी। यह हमाम आज भी चालू स्थिति में है। इस हमाम का लाभ भोपाल शहर के नागरिक उठाते हैं।

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मुख्यमंत्री कन्यादान योजना

इस योजना का उद्देश्य गरीब, जरूरतमंद, निराश्रित/निर्धन परिवारों की विवाह योग्य कन्या/विधवा/ परित्याक्ता के विवाह के लिये आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है। यह सहायता सामूहिक विवाह में ही दी जाती है। इसकी शर्त यह है कि कन्या ने विवाह की निर्धारित आयु पूरी कर ली हो। पूर्व में इसके तहत 6500 रूपये की सहायता कन्या की गृहस्थी की व्यवस्था के लिये तथा एक हजार रूपये सामूहिक विवाह आयोजन के खर्चे र्की पूर्ति के लिये दी जाती थी। अब इस राशि को बढ़ाकर दस हजार रूपये कर दिया या है। इसमें नौ हजार रूपये कन्या की गृहस्थी के लिये और एक हजार रूपये सामूहिक विवाह आयोजन खर्च के लिये है।

भारतीय समाज में कन्या के विवाह की चिन्ता हर गरीब परिवार में विशेष रूप से बहुत होती है। उनके पास अपने रोजमर्रा के खर्च की पूर्ति के लिये ही पर्याप्त पैसा नहीं होता , तो वे बेटी की शादी के लिये एक मुश्त खर्च जुटाने के लिये कर्ज का सहारा लेते है या कोई चीज बेचते हैं। गरीब परिवारों को इस समस्या से मुक्ति दिलाने के लिये मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की विशेष पहल पर यह योजना शुरु की गई। इस योजना में सामूहिक विवाह किये जाते हैं जिससे आपसी सद्भाव भी बढ़ता है और शादियों पर अनावश्यक होने वाले खर्च पर भी रोक लगती है। इसकी एक विशेषता यह भी है कि इसका लाभ सभी समुदायों को मिलता है। ऐसे आयोजनों में हिन्दु और मुसलमान दोनों समुदायों के विवाह एक ही परिसर में होते हैं जिससे सम्प्रदायिक सद्भाव की भावना का विकास होता है।

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